Monday, 14 August 2017

हमारे भारत देश की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी :जानिए हिंदी में

नमस्कार दोस्तों ! आपका हमारे " WebRaksha " ब्लॉग पर स्वागत है | सबसे पहले तो आप सब को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायए  | आप सब जानते ही है की हमारा देश 200 वर्ष तक ब्रिटिश शासन के नियंत्रण में था | 15 अगस्त 1947 में हमारा देश स्वतंत्र हुआ | तबसे हम सब 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते है | आज की इस पोस्ट में  हम हमारे भारत देश से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी शेयर करने जा रहे है |

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हमारे देश का नाम भारत कैसे पड़ा :

हमारे भारत के महान संतकवी कालिदास जी के लिखे हुए संस्कृत ग्रन्थ " अभिज्ञान शाकुंतलम " के एक वृत्तांत के अनुसार राजा दुष्यंत और उनकी पत्नी शकुंतला के पुत्र भरत के नाम से हमारे देश को भारत नाम से जाना जाता है | पुरातन काल में भारत को आर्याव्रत के नाम से भी जाना जाता था |

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कुछ ऐतिहासिक जानकारी :

भारत एक बहुतही  प्राचीन देश है | जब दुनिया में अज्ञान का घोर अंधेरा था तब भारत में वेद,भौतिक शास्त्र , गणित, ज्योतिष, अर्थशास्त्र, आयुर्वेद, योगा जैसे शास्त्रोंका उदय हुआ था |

हमारा ब्रम्हांड पंचमहाभूतों ( भूमी, जल, अग्नि, वायु और आकाश ) से बना है इस बात से सबसे पहले  हमारे भारत के वैज्ञानीकोने पूरी दुनिया को अवगत कराया |

ऋषि कणाद द्वारा लिखे गए " वैषेशिक दर्शन " में अणु और परमाणुओंकी विस्तार से जानकारी आपको मिलेगी |

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आचार्य चाणक्य से आप अच्छी तरह से परिचित होंगे | इन्हे आर्यभट्ट के नाम से भी जाना जाता है | 
थोर गणितज्ञ आर्यभट्ट ने शुन्य का परिचय पुरे विश्व को कराया | साथ ही संकेतन प्रणाली, दशमलव प्रणाली, त्रिभुज क्षेत्रफल ये उपलब्धि भी इन्ही की है |

आर्यभट्ट ने सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण के कारणोंका पता लगाया | सूर्य अपनी जगह स्थिर है और पृथ्वी सूर्य के चारो ओर परिक्रमा करती है ये भी बताया | साथ ही पृथ्वी गोल है और पाई का मूल्य 3. 1416 है ये भी बताया |  

दोस्तों अगर गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत बारे में पूछा जाए तो आपके दिमाग में न्यूटन का ही नाम आएगा लेकिन 
न्यूटन से 500 वर्ष पहले भारतभूमी के महान गणिततज्ञ ब्रम्हगुप्त ने गुरुत्वाकर्षण के सिध्दांत का कथन किया था | इनका गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत इस प्रकार है : " पृथ्वी अपनी आकर्षण शक्ति से हर वस्तू को अपनी ओर खींचती है | इस आकर्षण शक्ति के कारन ही हर वस्तु पृथ्वी पर गिरती है | "

प्राचीन भारत में धातु विज्ञानं भी काफी विकसित हो गया था | लोहा, तांबा, सोना, चांदी जैसे धातुओंका उत्पादन करके उसका पश्चिमी देशोंके साथ व्यापर होता था |

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आयुर्वेद और योगा से आप लोग तो अच्छी तरह से परिचित होंगे ही |
चरक द्वारा लिखे गए चरकसंहिता में अनेक रोगोंका उपचार और आहार पद्धति द्वारा रोगोंके नियंत्रण का विस्तृत परिचय दिया गया है |

8 वी शताब्दी से लेकर 12 वी शताब्दी तक भारत विश्व में शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र बन गया था | नालंदा और तक्षशिला ये दो विश्वविद्यालय विश्व में सबसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय थे |

कुछ महत्वपूर्ण जानकारी :

क्षेत्रफल की दॄष्टि से दुनिया में भारत 7 वे स्थान पर है |
जनसंख्या में भारत दूसरे स्थान पर है |
भारत विश्व में सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है |
भारत एक कृषिप्रधान देश है |
भारत का राष्ट्रिय खेल हॉकी है |
भारत का राष्ट्रिय पक्षी मोर है |
भारत का राष्ट्रिय पशु चिता है |
भारत का राष्ट्रिय फूल कमल है |
भारत का राष्ट्रिय फल आम है |
भारत की राष्ट्रीय भाषा हिंदी है |
भारत का राष्ट्रगान " जन गण मन " और " वन्दे मातरम " है |
संस्कृत भाषा भारत की सबसे प्राचीन भाषा है |

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दोस्तों हमारा प्राचीन भारत हर क्षेत्र में नंबर 1 पोजीशन पर था | हमारी देश की अर्थव्यवस्था भी नंबर 1 पोज़िशन पर थी | हमरे देश को सोने की चिड़िया कहा जाता था | यही कारन था की विदेशी आक्रमण कारी हमारे देश की तरफ आकर्षित हुए | दुर्भाग्यवश विदेशी आक्रमणोंसे हमारे देश का पतन होता गया | 
तो चलिए दोस्तों आज के स्वतंत्रता दिवस पर हम सब ये तय करते है की , हम अपने भारत देश को स्वच्छ, समृद्ध, वैभवशाली, बलशाली बनाने का प्रयास करते है और हम अपने देश को वापस नंबर 1 पोज़िशन पर लायेंगे |